He emphasized a more spiritual and universal approach, focusing on love, peace, and the presence of God in the present moment rather than strictly sticking to scriptural technicalities. Where to Watch in Hindi
वे एक प्रसिद्ध इस्लामिक प्रचारक हैं जो तुलनात्मक धर्मशास्त्र (Comparative Religion) के विशेषज्ञ माने जाते हैं। उन्होंने पवित्र कुरान, हदीस के साथ-साथ हिंदू वेदों, उपनिषदों और भगवद गीता के उद्धरणों का उपयोग करके अपने विचारों को सामने रखा।
The event was a significant interfaith dialogue aimed at exploring theological commonalities and differences through the lens of their respective holy books. Key Highlights of the Debate Theological Arguments
डॉ. नाइक ने हिंदू धार्मिक ग्रंथों, विशेषकर वेदों और उपनिषदों का हवाला देते हुए तर्क दिया कि हिंदू धर्म का मूल दर्शन भी एक ही ईश्वर की पूजा करना है। उन्होंने श्वेताश्वतरोपनिषद (6:9) का उदाहरण दिया: "न तस्य कश्चित् पतिरस्ति लोके..." जिसका अर्थ है कि उस ईश्वर का कोई माता-पिता या स्वामी नहीं है। 2. मूर्ति पूजा का खंडन
श्री श्री रवि शंकर ने कहा कि सत्य तक पहुँचने के कई रास्ते हो सकते हैं। उन्होंने ऋग्वेद के प्रसिद्ध कथन "एकं सत् विप्रा बहुधा वदन्ति" (सत्य एक है, विद्वान इसे अलग-अलग तरीकों से बताते हैं) का उल्लेख किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विभिन्न धर्म एक ही मंजिल तक पहुँचने वाली अलग-अलग नदियाँ हैं।